प्यारे पथिक

जीवन ने वक्त के साहिल पर कुछ निशान छोडे हैं, यह एक प्रयास हैं उन्हें संजोने का। मुमकिन हैं लम्हे दो लम्हे में सब कुछ धूमिल हो जाए...सागर रुपी काल की लहरे हर हस्ती को मिटा दे। उम्मीद हैं कि तब भी नज़र आयेंगे ये संजोये हुए - जीवन के पदचिन्ह

Thursday, July 9, 2009

तुम न होते तो जीवन इतना पावन न होता

दोस्तों,
सामान्यत: मैं हर मंगलवार को अपनी कविता प्रकाशित करने का प्रयास करता हूँ किंतु इस बार अपवाद के रूप में जल्दी प्रकाशित कर रहा हूँ...आज की कविता मेरी प्रियतमा अर्धागिनी "डॉ सपना पाण्डेय" के लिए समर्पित हैं और उसी को संबोधित हैं। आज हमारे विवाह की नौवी वर्षगांठ हैं...वैसे तो मैं हिन्दी में विद्या वारिधि (पी.एच डी) अपनी पत्नी के आगे कभी भी अपनी कविता नहीं कहता क्योंकि वो या तो मुझसे बेहतर शब्दों में वही बात कह जाती हैं या ढेरो त्रुटियां निकाल देती हैं... किंतु आज इस आशा के साथ इन पंक्तियों के प्रकाशित कर रहा हूँ कि आज प्रिय सिर्फ़ भाव देखेगी शब्द-विन्यास नहीं....

सप्रेम
अप्रवासी

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तुम न होते तो जीवन इतना पावन न होता।
यह हँसता खिलखिलाता घर आँगन न होता ॥

आसान नहीं हैं एक पागल बंजारे को अपनाना।
सूनी पत्थराई आँखों में आशाओं के दीप जलाना।
खाली-खाली
बंजर चार दीवारों को घर समाझाना।
तुम न होते तो जीना इतना मनभावन न होता ।
तुम न होते तो जीवन इतना पावन न होता।

तेरे बिन न कोई अर्थ मिला था इस जीवन को ।
कितने दिन औ' किनती रातें व्यर्थ जीया था जीवन को ।
तेरे सपनों के दर्पण ने एक नया रंग दिया हैं जीवन को ।
तुम न होते तो मुझको और जीने का मन न होता ।
तुम न होते तो जीवन इतना पावन न होता।

तुझसे मिलने से पहले दावानल सी जलती थी सांसे ।
हर पग काँटों सी चुभती थीं मुझको सब राहें।
मलयानल सी प्रेम-अलख से ज्योतिर्मय लगती हैं रातें ।
तुम न होते तो चाहत का यह सावन न होता ।
तुम न होते तो जीवन इतना पावन न होता।

तुम न होते तो जीवन इतना पावन न होता।
यह हँसता खिलखिलाता घर आँगन न होता ॥

8 comments:

  1. सुन्दर प्रेम भाव के साथ अभिव्यक्ति-बेहतरीन रचना!!

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  2. तेरे सपनों के दर्पण ने एक नया रंग दिया हैं जीवन को ।
    तुम न होते तो मुझको और जीने का मन न होता ।
    तुम न होते तो जीवन इतना पावन न होता।
    behad sunder bhwanao ki abhivyakti huyi hai,lajawab.vivah ki varshgath ki hardik badhai.

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  3. बधाई आप दोनों को
    यह तारीख हमने यहाँ दर्ज कर ली
    बधाई पोस्ट आती ही है।

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  4. पावन दिन, पावन भाव की कविता, आज आपकी पत्नी भी खोट नहीं निकाल पायेंगीं। बधाई।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com

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  5. bahut pasand aayi aapki ye rachna

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  6. आप सभी श्रेष्ठजन का हार्दिक आभार . आशा करता हूँ कि ईश्वर की अनुकम्पा, वरिष्ठों का आशीष, अग्रजों का प्रेम, और अनुजों की शुभेच्छा यूँ ही हम पर जीवन-पर्यंत बनी रहे

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  7. सर्वप्रथम कुछ देर से ही सही आपको आपकी शादी की वर्षगाठ मुबारक.
    तुम न होते तो जीवन इतना पावन न होता।
    यह हँसता खिलखिलाता घर आँगन न होता ॥
    वाकई जीवन जीवनसंगिनी के बिना अधूरा ही होता है.

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